किशोर साहू
10 लाख रुपये से ज्यादा कीमत के 146 चमकदार पत्थर बरामद, नेशनल हाईवे-30 पर पुलिस की घेराबंदी में फंसा आरोपी
धमतरी। चमकते पत्थरों का खजाना, आठ साल पुराना राज और बेचने के लिए ग्राहक की तलाश! छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। बिरेझर चौकी और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 146 हीरे जैसे चमकदार पत्थर बरामद किए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 5 हजार रुपये बताई गई है। मामले में पुलिस ने भाटापारा निवासी विनोद अग्रवाल को गिरफ्तार किया है।
ग्राहक की तलाश में था आरोपी, पुलिस ने बिछाया जाल
मामला 18 अक्टूबर का है। पुलिस के मुताबिक, नेशनल हाईवे-30 पर कोड़ापार नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान पुलिस ने विनोद अग्रवाल को पकड़ा। आरोप है कि वह इन बेशकीमती पत्थरों को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा था, लेकिन सौदा होने से पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
तलाशी में मिले 146 चमकदार पत्थर
आरोपी की तलाशी के दौरान पुलिस को 146 नग चमकदार पत्थर मिले। इनका कुल वजन 13.49 ग्राम बताया गया है। पुलिस के अनुसार, इन पत्थरों की अनुमानित कीमत 10 लाख 5 हजार रुपये आंकी गई है। इसके अलावा मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की गई है। पुलिस ने कुल 10 लाख 15 हजार 200 रुपये का मशरूका जब्त किया है।
2018 में पायलीखंड से चोरी करने का दावा
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसने ये पत्थर वर्ष 2018 में गरियाबंद जिले के पायलीखंड खदान क्षेत्र से चोरी किए थे। यानी करीब आठ साल से इन पत्थरों को अपने पास छिपाकर रखने की बात सामने आई है। हालांकि, पत्थरों की वास्तविक प्रकृति और चोरी से जुड़े तथ्यों की पुलिस जांच कर रही है ।
खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि आठ साल पहले खदान क्षेत्र से कथित तौर पर निकाले गए ये पत्थर इतने लंबे समय तक कहां छिपाकर रखे गए और इन्हें बेचने की कोशिश के पीछे पूरा मामला क्या है? पुलिस की जांच में इन सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।
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