किशोर साहू
मछली बोले-आज तो हमारी छुट्टी है…बोतल बोले-आज हमारा नंबर है!
धमतरी (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के धमतरी में इस समय कुदरत का मिजाज काफी सख्त है। गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण महानदी उफान पर है और आसपास के नदी-नाले सब जलमग्न हो चुके हैं। लेकिन इसी आपदा के बीच धमतरी के कुरुद इलाके से एक ऐसी ‘अनोखी’ और ‘रंगीन’ तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके का पारा और उत्साह दोनों बढ़ा दिया है।
हुआ यूं कि कुरुद के नारी गांव में स्थित देसी शराब दुकान का कुछ हिस्सा बाढ़ के पानी में डूब गई। जलभराव इतना बढ़ा कि दुकान की दीवार ढह गई और अंदर काटुन में रखीं शराब की भरी बोतलें महानदी के पानी में float यानी तैरने लगीं। बस फिर क्या था! जैसे ही खबर फैली, पुल के ऊपर कौतूहल और ‘उम्मीद’ से भरी भारी भीड़ जमा हो गई।
जब मछली नहीं, ‘बोतलों’ के लिए फेंका गया जाल!
महानदी में तैरती बोतलों को देखकर स्थानीय मदिराप्रेमियों का दिल गदगद हो उठा। नदी का बढ़ता जलस्तर और खौफनाक बहाव भी उनके हौसलों को डिगा नहीं सका। लोगों ने तैरती ‘निधि’ को निकालने के लिए ऐसा देसी जुगाड़ लगाया कि देखने वाले भी हैरान रह गए।
नदी के पुल पर खड़े होकर लोग मछलियों को पकड़े जाने वाला जाल पानी में फेंकने लगे। कोई रस्सी बांधकर जुगाड़ लगा रहा था तो कोई लंबा बांस लेकर पानी खंगाल रहा था। मदिराप्रेमियों का एक ही मिशन था-“चाहे जो हो जाए, बहती शराब की एक बोतल तो हाथ लगनी ही चाहिए!” पुल का नजारा किसी ‘शराब पकड़ो प्रतियोगिता’ जैसा नजर आने लगा।
अफवाहों पर ब्रेक, आबकारी विभाग का ‘नाइट पैट्रोलिंग’ मोड ऑन
दूसरी तरफ, इस पूरे घटनाक्रम के बाद आबकारी महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आबकारी अधिकारी रोहित देवांगन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि भारी वर्षा और गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण ग्राम नारी स्थित मदिरा दुकान परिसर में जलभराव हुआ, जिससे दीवार को आंशिक नुकसान पहुंचा और कुछ मात्रा में मदिरा बह गई। इस बारे में कई तरह की अफवाहें भी फैल रही हैं। मदिरा के अनधिकृत बहाव को रोकने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आबकारी विभाग की टीम रात में भी मौके पर तैनात है और सतत निगरानी रख रही है।”
विभाग भले ही रात-दिन एक करके बोतलों को बहने से रोकने में जुटा है, लेकिन धमतरी के मदिराप्रेमियों के लिए यह आपदा ‘अवसर’ में बदलती नजर आई!
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