खोमेश्वर गुरुपंच
भारी बारिश के बीच PHC बोडरा में महिला का सुरक्षित प्रसव,
बाढ़ जैसी स्थिति में भी डॉक्टरों ने बचाई जान
गुरूर। प्राकृतिक आपदा और भारी बारिश की चुनौतियों के बीच स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और सूझबूझ से एक जच्चा-बच्चा की जान बच गई। 25 सितंबर 2026 को ग्राम बोडरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में एक 25 वर्षीय महिला को प्रसव हेतु भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में उसका सुरक्षित प्रसव कराया गया। हालांकि, प्रसव के तुरंत बाद ही इलाके में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अस्पताल परिसर में पानी भरना शुरू हो गया।

निजी मकान में बनाया गया अस्थायी वार्ड
लगातार बारिश की वजह से पूरे बोडरा गांव में जलभराव की स्थिति बन गई और मुख्य मार्गों पर आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया। अस्पताल परिसर में पानी घुसने के कारण नवजात शिशु और प्रसूता की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने त्वरित निर्णय लिया और महिला एवं नवजात को पास के ही एक सुरक्षित निजी मकान में स्थानांतरित किया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य निगरानी करती रही।
108 एम्बुलेंस की मदद से सीएचसी गुरूर में कराया गया भर्ती
गांव में रास्ता बंद होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क किया। आपदा के बीच कड़ी मशक्कत करते हुए एम्बुलेंस टीम मौके पर पहुंची और महिला व नवजात को सुरक्षित निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गुरूर पहुंचाया, जहां उन्हें बेहतर देखभाल के लिए भर्ती कराया गया है। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित हैं। विषम परिस्थितियों में भी डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मियों और 108 एम्बुलेंस टीम द्वारा दिखाए गए इस समर्पण और मुस्तैदी की स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है।
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