न्यूज़ डेस्क
जशपुर। गांजा तस्करों ने पुलिस की नाक के नीचे से 2 करोड़ 40 लाख रुपये का माल पार कराने के लिए तगड़ा दिमाग लगाया था। मिनी ट्रक भरकर लाल मिर्च की बोरियां लादी गईं, ताकि तीखी गंध के पीछे गांजे की महक छिप जाए। लेकिन जशपुर पुलिस के ‘ऑपरेशन आघात’ के आगे तस्करों की यह ‘तीखी चाल’ धरी की धरी रह गई।
लावाकेरा पुलिस ने घेराबंदी कर एक मिनी ट्रक से 440 किलो गांजा जब्त करते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मिर्ची के नीचे दबा था 2.40 करोड़ का ‘खजाना’
उड़ीसा से गांजे की बड़ी खेप लेकर आरोपी मोहम्मद वासिम और आसिफ यूपी के प्रयागराज जा रहे तस्करों को लगा था कि मिर्च की बोरियों का कवर उन्हें बचा लेगा। लेकिन लावाकेरा पुलिस को मुखबिर से सटीक इनपुट मिल चुका था। जैसे ही संदिग्ध मिनी ट्रक बॉर्डर पार कर जशपुर की सीमा में दाखिल हुआ, पुलिस की टीम ने उसे घेर लिया।

जब पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली, तो ऊपर तो मिर्ची की बोरियां बिछी थीं, लेकिन जैसे ही उन्हें हटाया गया, नीचे से 440 किलोग्राम गांजे के पैकेट निकल आए। बाजार में इस जब्त गांजे की कीमत 2 करोड़ 40 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने मौके से मिनी ट्रक को जब्त करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है
दोनों आरोपी उड़ीसा के रास्ते गांजे की यह बड़ी खेप उत्तर प्रदेश के प्रयागराज सप्लाई करने की फिराक में थे। जशपुर पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने ओडिशा-छत्तीसगढ़-यूपी गांजा तस्कर नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।
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