खोमेश्वर गुरुपंच
बालोद: नियति जब क्रूर खेल खेलती है, तो हँसते-खेलते संसार को उजड़ने में पल भर का समय भी नहीं लगता। बालोद जिले के ग्राम कजराबांधा में सोमवार की दोपहर एक ऐसा ही हृदयविदारक मंज़र देखने को मिला, जिसे देखकर पत्थरदिल इंसान की आँखों से भी आँसू छलक पड़े।
सड़क हादसे में असमय काल के गाल में समाए पिता डागेश्वर साहू (34 वर्ष) और उनके 12 वर्षीय मासूम बेटे ओशांत साहू का शव जब पोस्टमार्टम के बाद एक साथ गाँव पहुँचा, तो मानो पूरे कजराबांधा गाँव का कलेजा टूटकर बिखर गया।
सोमवार दोपहर करीब 2 बजे जैसे ही पिता-पुत्र के पार्थिव शरीर कजराबांधा पहुँचे, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। जिस घर में कल तक बच्चों की खिलखिलाहट और गूँज हुआ करती थी, आज वहाँ केवल मातम का सन्नाटा और परिजनों का करुण क्रंदन था। परिजनों को सँभालना मुश्किल हो रहा था। अंतिम दर्शन के लिए उमड़े सैकड़ों ग्रामीणों में से एक भी आँख ऐसी नहीं थी, जो इस दर्दनाक मंज़र को देखकर नम न हुई हो।

सबसे हृदयविदारक दृश्य मुक्तिधाम में देखने को मिला, जहाँ का मंज़र देखकर हर किसी का सब्र टूट गया:
- मृतक डागेश्वर साहू की चिता को उनके भतीजों-कुणाल साहू और युगांत ने अश्रुपूरित आँखों से मुखाग्नि दी।
- वहीं दूसरी ओर, नियति का सबसे कड़वा सच तब सामने आया जब 12 साल के मासूम ओशांत की चिता को उसके दादा हरिराम साहू और देवलाल साहू ने मुखाग्नि दी।
जिस उम्र में दादा-दादी पोते को उँगली पकड़कर चलना और जीवन जीना सिखाते हैं, उसी उम्र में काँपते हाथों से पोते को अंतिम विदाई देनी पड़ी। इस पल ने वहाँ मौजूद हर एक इंसान की रूह को झकझोर कर रख दिया।
8 साल का मासूम रायपुर में लड़ रहा ज़िंदगी की जंग
इस परिवार पर दुखों का पहाड़ यहीं खत्म नहीं हुआ। हादसे में गंभीर रूप से घायल 8 साल का छोटा बेटा अनुराग साहू धमतरी में प्राथमिक उपचार के बाद अब रायपुर के अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। उस मासूम बच्चे को अभी यह भी भनक नहीं है कि जिस पिता की पीठ से सटकर वह बाइक पर बैठा था और जिस बड़े भाई के साथ वह खेलता था, वे दोनों अब इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं।
बतला दे कि रविवार को डागेश्वर साहू अपने दोनों बेटों के साथ अपने मामा के घर ग्राम मोहारा गए थे, जहाँ वे सामाजिक पितृ श्राद्ध मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद देर शाम तीनों बाप-बेटे खुशी-खुशी बाइक से अपने घर कजराबांधा लौट रहे थे।
शाम करीब 7 बजे सनौद थाना क्षेत्र अंतर्गत गुंडरदेही-धमतरी मुख्य मार्ग पर, अरमरीकला पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे एक भारी-भरकम ट्रक अंधेरे में खड़ा था। घने अंधेरे के कारण डागेश्वर को खड़ा ट्रक दिखाई नहीं दिया और उनकी बाइक सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी।
- मौके पर मौत: टक्कर इतनी भयानक थी कि डागेश्वर साहू की मौके पर ही साँसें थम गईं।
- अस्पताल में तोड़ा दम: गंभीर रूप से घायल बड़े बेटे ओशांत को धमतरी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
- घटना के बाद पुलिस ने खड़े ट्रक और दुर्घटनाग्रस्त बाइक को ज़ब्त कर कानूनी जाँच शुरू कर दी है।
एक लापरवाही से खड़े ट्रक ने पल भर में एक हँसते-खेलते परिवार की सारी खुशियाँ छीन लीं और पूरे अंचल को ऐसा ज़ख्म दे दिया जो शायद कभी नहीं भर पाएगा।
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