न्यूज़ डेस्क
आड़ेझर की पेसा ग्राम सभा ने लिया था अनशन का निर्णय, रात 7 बजे तक डटे रहे ग्रामीण; जिला पंचायत सदस्य नीलिमा श्याम भी ग्रामीणों के साथ रहीं मौजूद
बालोद। डौंडी ब्लॉक के आड़ेझर गांव में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन आखिरकार प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद फिलहाल स्थगित हो गया। ग्रामीण बोइरडीही जलाशय से बीएसपी के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से महामाया-दल्लीराजहरा मार्ग पर धरने पर बैठे थे।
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल की समस्या को लेकर लंबे समय से आश्वासन मिलते रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसी के चलते इस बार ग्रामीणों ने तीन दिनों तक सड़क पर धरना दिया और आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी कर ली थी।
पेसा ग्राम सभा ने दी थी अनशन की चेतावनी

मामले में सामने आए पेसा ग्राम, ग्राम सभा आड़ेझर के लिखित पत्र के अनुसार, पेयजल समस्या को लेकर 26 सितंबर से ग्रामीणों के आंदोलन का उल्लेख किया गया है। पत्र में समस्या का निराकरण नहीं होने की स्थिति में 29 सितंबर 2026 से अनशन शुरू करने के निर्णय की जानकारी प्रशासन को दी गई थी।
यानी तीन दिन के धरने के बाद मंगलवार से आंदोलन को और आगे बढ़ाते हुए अनशन शुरू करने की तैयारी थी। इसी बीच सोमवार शाम प्रशासनिक अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत शुरू हुई।
ग्रामीणों के साथ डटी रहीं जिला पंचायत सदस्य नीलिमा श्याम
ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य नीलिमा श्याम, जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी भी ग्रामीणों के साथ धरना स्थल पर डटी रहीं। उन्होंने ग्रामीणों की पेयजल समस्या और उनकी मांग को प्रशासन के समक्ष रखा।
सोमवार को भी ग्रामीणों के साथ नीलिमा श्याम धरना स्थल पर मौजूद रहीं। आंदोलन के दौरान रात करीब 7 बजे तक ग्रामीण अपनी मांग को लेकर डटे रहे।
एसडीएम समेत प्रशासनिक अमला पहुंचा

सोमवार देर शाम एसडीएम डौंडी सुरेश साहू सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर पेयजल समस्या तथा ग्रामीणों की मांग पर बातचीत की।
काफी चर्चा के बाद प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया गया।
29 सितंबर को बोर खनन का आश्वासन
पंचनामा में दर्ज आश्वासन के अनुसार 29 सितंबर 2026 को बोर खनन का कार्य कराया जाएगा तथा नल-जल योजना के माध्यम से गांव में पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि बोर में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होता है तो बीएसपी की पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
लिखित आश्वासन के बाद थमा आंदोलन

प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने तीन दिवसीय धरना फिलहाल स्थगित कर दिया। इसके साथ ही मंगलवार से प्रस्तावित अनशन भी फिलहाल टल गया है।
अब ग्रामीणों की नजर 29 सितंबर पर है। वर्षों से पेयजल समस्या से जूझ रहे आड़ेझर के ग्रामीणों के लिए अब देखना यह होगा कि इस बार लिखित आश्वासन के बाद बोर खनन और पानी की व्यवस्था कितनी जल्दी जमीन पर उतरती है।
धरना खत्म नहीं, फिलहाल स्थगित हुआ है-अब 29 सितंबर के आश्वासन पर सबकी नजर है।
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