खोमेश्वर गुरुपंच
Chhattisgarh: (बालोद): अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं और सुकून की तलाश में नई जगहें खोजना पसंद करते हैं, तो बालोद जिले की हरियाली के बीच आपके लिए एक शानदार सरप्राइज छुपा हुआ है! गुरूर तहसील के बीहड़ जंगलों के मध्य हाल ही में एक बेहद खूबसूरत प्राकृतिक जलप्रपात (Waterfall) सामने आया है। लगभग 20 फीट की ऊंचाई से गिरती पानी की शीतल धाराएं और आसपास का शांत वातावरण हर किसी का मन मोह रहा है।
नीचे देखिए इस अद्भुत जलप्रपात का मनमोहक दृश्य:
“प्रकृति की इस गोद में पानी की कल-कल और चारों ओर फैली हरियाली किसी का भी दिल जीतने के लिए काफी है।”
सप्ताह भर पहले ही ग्रामीणों की पड़ी नजर
यह प्राकृतिक जलप्रपात ग्राम पंचायत बढ़भूम के आश्रित ग्राम पेटेचुवा में स्थित है, जो दमकसा चौक मुख्य मार्ग से महज 700 मीटर की दूरी पर है। हैरानी की बात यह है कि घने जंगलों में होने के कारण पहले इस जगह के बारे में किसी को जानकारी नहीं थी। करीब एक सप्ताह पहले जब कुछ ग्रामीण जंगल की ओर घूमने निकले, तब उन्हें इस प्राकृतिक खजाने की भनक लगी।
किसानों के लिए वरदान और प्रकृति का अनुपम सौंदर्य
ग्रामीणों ने जब झरने के बहाव का पीछा किया, तो पता चला कि यह पानी आगे बढ़कर आसपास के सैकड़ों खेतों को सींच रहा है। गाढ़ा कुरुम जलाशय (पेटेचुवा) के पास स्थित यह झरना बारिश और पहाड़ी इलाकों से आने वाले पानी से लबालब रहता है। इससे न सिर्फ खेतों की सिंचाई हो रही है, बल्कि यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता का केंद्र भी बन गया है।
सियादेवी मंदिर के झरने जैसा आकर्षण, पर्यटन स्थल बनाने की मांग
स्थानीय ग्रामीणों-नागेश्वर सलाम और चतुर सिंह का कहना है कि यह प्राकृतिक झरना बालोद के प्रसिद्ध ‘मां सियादेवी मंदिर’ के पीछे स्थित जलप्रपात जैसा ही खूबसूरत और आकर्षक है।
ग्राम पंचायत बढ़भूम की सरपंच शीला संदीप यादव ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि यदि इस जगह को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाए और बुनियादी सुविधाएं बढ़ाई जाएं, तो यह एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट बनेगा। इससे न केवल क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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